कुछ अनकही बातें ..............
Thursday, 20 February 2014
बिखरे ख्वाब
अब कौन समेटे इन बिखरे हुए ख्वाबों को
हम तो फिर से कोई नया ख्वाब ही बना लेंगें |
फैसला...
मुझे भी दुःख अपने फैसले का
तुम्हे भी खुद से ही कुछ गिला है
कहें भी ये बात
तो कहें हम किससे
न वो खफ़ा हैं
न हम खफ़ा हैं |
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