Thursday, 20 February 2020

गुज़र गया

वो वक़्त था जो गुज़र गया,
कुछ था रगों में जो निकल गया,
मुझे कोई फर्क नहीं अब इन हवाओं से,
क्योंकि जो सांस था वो अब संभल गया ।

Wednesday, 19 February 2020

कभी जो याद आऊं तो

कभी जो याद आऊं तो 
जरा तुम आँख भर लेना 
कभी साँसों में आऊं तो 
जरा तुम आह भर लेना 
कभी धड़कन में आऊं तो 
उसे अलफ़ाज़ दे देना 
कभी ख़्वाबों में आऊं तो
उसे सच्चा समझ लेना ।

Thursday, 13 February 2020

बदलाव

कहीं कुछ अंदर से टूटा तुझमे भी है और मुझ में भी है
कुछ अँधेरी रात तेरे दामन में भी है और मेरे दामन में भी है ।
शायद कुछ नया बनाने के लिए पहले पुराने को तोडना भी जरूरी होता है
कुछ नए अरमानों के सजने से पहले पुराने का बिखरना भी जरूरी होता है ।
कुछ पुराने वादों को फिर से करना भी जरूरी होता है
कुछ रूठे ख़्वाबों को फिर से मनाना भी जरूरी होता है ।


बस तुम हथेलियों को थामे रहना, 
मैं उसकी लकीरें बदल दूंगा ।
बस तुम चेहरे को थामे रहना,
मैं आँखों में नए ख्वाब भर दूंगा ।
बस तुम हवाओं को थामे रहना,
मैं तेरी उलझी जुल्फों को सुलझा दूंगा ।
बस तुम मेरे हाथ को थामे रखना
मैं तुम्हारी साँसों में अपनी साँस भर दूंगा ।
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