Thursday, 13 February 2020

बदलाव

कहीं कुछ अंदर से टूटा तुझमे भी है और मुझ में भी है
कुछ अँधेरी रात तेरे दामन में भी है और मेरे दामन में भी है ।
शायद कुछ नया बनाने के लिए पहले पुराने को तोडना भी जरूरी होता है
कुछ नए अरमानों के सजने से पहले पुराने का बिखरना भी जरूरी होता है ।
कुछ पुराने वादों को फिर से करना भी जरूरी होता है
कुछ रूठे ख़्वाबों को फिर से मनाना भी जरूरी होता है ।


बस तुम हथेलियों को थामे रहना, 
मैं उसकी लकीरें बदल दूंगा ।
बस तुम चेहरे को थामे रहना,
मैं आँखों में नए ख्वाब भर दूंगा ।
बस तुम हवाओं को थामे रहना,
मैं तेरी उलझी जुल्फों को सुलझा दूंगा ।
बस तुम मेरे हाथ को थामे रखना
मैं तुम्हारी साँसों में अपनी साँस भर दूंगा ।

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