Friday, 19 June 2020

तेरे अंदर


तेरे  अंदर आग लगी थी 
दिल में तो भूचाल मचा था
कुछ तो हमको भी समझाते 
अपना कुछ तो हमे सुनाते | 

काश तुम्हे समझा पाते हम 
उस वक़्त गले लगा पाते हम
तो फिर तुम यूँ दूर ना जाते 
कुछ वक़्त जरा सा तुम रुक जाते | 

कहीं घर का कोना तोड़ गए हो
कितना खाली घर छोड़ गए हो 
इस खाली घर का, क्या करना है 
टूटे कोने को, क्या भरना है 
इतना तो बतला कर जाते
कुछ तो तुम समझा कर जाते  | 


सुशांत सिंह राजपूत

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