Friday, 11 January 2013

तेरी तस्वीर



तुझे बनाने की कोशिश मैं 
हर बार करता हूँ
कभी चाँद सा मुखड़ा 
तो कभी बादलों से तेरे जुल्फ
पर हर बार कोई मासूम सी लड़की की 
तस्वीर बन जाती है 
जिसके आँखों में 
कुछ बिखरे  से ख्वाब होते हैं
और कुछ उलझे से सवाल 
पता नहीं पर क्यों 
तेरी तस्वीर मुझसे बन नहीं पाती | 


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