तुझे बनाने की कोशिश मैं
हर बार करता हूँ
कभी चाँद सा मुखड़ा
तो कभी बादलों से तेरे जुल्फ
पर हर बार कोई मासूम सी लड़की की
तस्वीर बन जाती है
जिसके आँखों में
कुछ बिखरे से ख्वाब होते हैं
और कुछ उलझे से सवाल
पता नहीं पर क्यों
तेरी तस्वीर मुझसे बन नहीं पाती |
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