कभी कभी आँखों में तेरे
मेरा ख्वाब दिख जाता है ,
कभी कभी होठों पे तेरे
मेरी बात आ जाती है ,
जब भी चाहता हूँ दर से तेरी
अपनी राहों को मोड़ लूं
हर मोड़ पे वो तेरी
पहली मुलाक़ात नज़र आ जाती है |
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