कुछ अनकही बातें ..............
Sunday, 2 November 2014
सूरत...
मुझको बनाकर आप यूँ ही तोड़ते रहे
की टूटे भी तो क्या, सूरत तेरी रहे |
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment