Saturday, 4 January 2020

तुमको भूल जाते हैं

चलो तुम आज कहते हो तो तुमको भूल जाते हैं 
तेरी चौखट पे यादों को तड़पता छोड़ आते हैं 
कोई पूछे तो कह देना की था इक काफिला गुजरा 
उसी के एक मुसाफिर का शायद अरमान है बिखरा | 


2 comments:

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  2. बात ऐसी भी भला क्या रखी है तुझमें
    कि एक दीवाने ने जमीं सर पे उठा रखी है
    इत्ताफ़ाक़न् कहीं मिल जाएँ तो कहना उससे
    तेरे शायर ने बड़ी धूम् मचा रखी है!
    By: Ismail Raaz

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