Friday, 17 April 2020

की कहीं तुम

ये वक़्त गर,
थम जाए तो, देखूँ तुझे,
खो जाए तो, सोचूँ तुझे,
मिल जाए तो, पूछूँ कभी,
की कहीं तुम मेरे सीने से बिछड़ी हुई कोई साँस तो नहीं...


ये नींद गर,
खुल जाए तो, तेरा बनूँ,
आ जाए तो, ख्वाबें बुनू,
उड़ जाए तो, सोचूँ कभी, 
की कहीं तुम बस कोई एक खूबसूरत ख्वाब तो नहीं...

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